देश में ड्रोन इकोसिस्टम की उड़ान भरी हुई है। पंजीकृत ड्रोन 38,500 से ऊपर पहुंचे हैं और प्रमाणित रिमोट पायलटों की संख्या 39,890 तक हो गई है। मंगलवार के सरकारी आंकड़ों में 240+ प्रशिक्षण केंद्रों का उल्लेख है, जो ड्रोन विशेषज्ञ तैयार कर रहे हैं।
यह व्यापक तंत्र ड्रोन बनाने वालों, तकनीकी कंपोनेंट प्रदाताओं, ट्रेनिंग संस्थानों, स्टार्टअप्स और डिजिटल उपकरणों को एकजुट करता है। एकरूप नियमन से कृषि, सर्वे, निगरानी, आपदा प्रबंधन व सरकारी कार्यों में ड्रोन क्रांति ला रहे हैं।
स्वामित्व स्कीम में 3.28 लाख ग्रामीण क्षेत्रों का ड्रोन सर्वे संपन्न, 1.82 लाख गांवों में 2.76 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड वितरित। अब यह क्षेत्र नवाचार का केंद्र है, जिसमें वित्तीय सहायता व नीतिगत प्रोत्साहन है।
1,094 ड्रोन महिला एसएचजी को मिले, 500+ नमो ड्रोन दीदी से। खेती व आय में उछाल आया। स्वदेशी प्रोडक्शन, स्किल डेवलपमेंट व एकीकरण से ड्रोन विकास, सुरक्षा व निगरानी को मजबूत करेंगे।
रेल व हाईवे पर नजर रखने में सहायक। बजट व अनुदान से भारत ड्रोन हब बनने को तैयार।