राजधानी में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आगाज सोमवार को हुआ, जहां वैश्विक दिग्गज एकत्र हैं। नीति आयोग की देबजानी घोष ने कहा, भारत को गर्व है कि ग्लोबल साउथ का पहला बड़ा एआई इवेंट यहां हो रहा, प्रभाव पर केंद्रित।
एआई इंफ्रा बनाना पहला कदम है, लेकिन इसे लाखों जिंदगियों को नई दिशा देनी चाहिए। लोग, धरती, प्रगति- ये समिट के मूल सिद्धांत हैं। भारत की खासियत है समावेशी तकनीक, जो गांवों से निकलकर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है, खासकर महिलाओं को।
अब महिलाएं तकनीक रचने वाली बन रही हैं। साची चोपड़ा ने प्लेटफॉर्म दिखाया, जिसमें 200+ कहानियां हैं। टोंक जिले का ‘पहेल’ उदाहरण- सरकारी स्कूलों में गणित के नतीजे छह हफ्तों में 100% सुधर गए।
कहानियां चुनौतियों से सफलता तक सब बताती हैं, ताकि राज्य कॉपी कर सकें। ‘बिल्ड योर ओन’ से फंडिंग-नीति की जानकारी मिलती है। एआई असिस्टेंट व्यावहारिक सलाह देता है।
अन्ना रॉय ने बताया, समिट से भारत का एआई नेतृत्व मजबूत होगा। तीन चुनौतियां- एआई फॉर ऑल, युवा एआई, महिलाओं के लिए। डब्ल्यूईपी में 63 चुने गए, टॉप को 25 लाख। स्पॉन्सर पुरस्कार और कार्यशालाएं जमीनी स्तर पर एआई लाएंगी।
भारत एआई को बदलाव का हथियार बना रहा है।