उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने स्नैपडील पर कड़ा प्रहार किया। सोमवार को गैर-बीआईएस मानक वाले खिलौनों को प्लेटफॉर्म पर बेचने के आरोप में 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
खिलौना (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020 के तहत सभी खिलौनों पर बीआईएस प्रमाणन अनिवार्य है। स्नैपडील ने स्टैलियन ट्रेडिंग और थ्रिफ्टकार्ट जैसे विक्रेताओं से बिना सत्यापन के ऐसी लिस्टिंग की, जहां जरूरी विवरण अनुपस्थित थे।
निधि खरे और अनुपम मिश्रा की अगुवाई वाली टीम ने पाया कि प्लेटफॉर्म ने इनसे 41,032 रुपये की आय की। ‘डील ऑफ द डे’ जैसे प्रचारों में गुणवत्ता का दावा झूठा साबित हुआ।
कंपनी ने मार्केटप्लेस होने का हवाला दिया, लेकिन सीसीपीए ने अस्वीकार किया। सेल आयोजनों और विज्ञापनों से स्नैपडील उत्पादों पर नियंत्रण रखती है, इसलिए मानक उल्लंघन की जवाबदेही उसकी।
‘विक्रेताओं की स्वघोषणा पर भरोसा अपर्याप्त है,’ प्राधिकरण ने कहा। भविष्य में गैर-मानक उत्पाद न बेचने की कोई प्रतिबद्धता न देने से दंड सुनिश्चित हुआ।
यह अभियान अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि तक फैला है। बच्चों के खिलौनों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के इस प्रयास से ई-कॉमर्स पर नियंत्रण मजबूत होगा।