देश के स्टार्टअप क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के मकसद से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी प्रदान कर दी। पीएम मोदी की अगुवाई में लिया गया यह फैसला वेंचर कैपिटल के प्रवाह को तेज करेगा।
पिछले संस्करण एफएफएस 1.0 ने शानदार प्रदर्शन किया, जहां 145 एआईएफ को 10,000 करोड़ दिए गए। इनसे उपभोक्ता सामान, ई-कॉमर्स, शिक्षा, खाद्य, विनिर्माण और बायोटेक जैसे क्षेत्रों में 25,500 करोड़ का निवेश हुआ, जो 1,370 स्टार्टअप्स को लाभान्वित कर चुका है।
स्टार्टअप इंडिया के 2016 लॉन्च के बाद इकोसिस्टम में जबरदस्त उछाल आया है—500 से 2 लाख से ज्यादा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स तक। 2025 में रजिस्ट्रेशन चरम पर होगा। एफओएफ 2.0 दीर्घकालिक पूंजी जुटाकर उद्यमिता को गति देगा।
यह कोष भारत की आर्थिक शक्ति बढ़ाएगा, उच्चस्तरीय नौकरियां सृजित करेगा और नवाचार हब के रूप में पहचान दिलाएगा। विकसित भारत 2047 विजन के साथ तालमेल बिठाते हुए, सरकार उद्यमियों को सशक्त बनाने के प्रति कटिबद्ध दिखा रही है।