भारत का विकसित भारत @2047 लक्ष्य हासिल करने हेतु 10 अहम मोर्चों पर कदम तेज करने होंगे, जिसमें फ्यूचर-प्रूफ वर्कफोर्स, मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना व एमएसएमई सशक्तिकरण प्रमुख हैं। नई रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आए।
कामगारों को कल के लिए तैयार करने का आधार है शिक्षा-कौशल-रोजगार का सीधा जुड़ाव, अप्रेंटिसशिप का प्रसार और तकनीकी गहराई वाली ट्रेनिंग मैन्युफैक्चरिंग व उभरते क्षेत्रों हेतु।
वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता हेतु कंपोनेंट लोकलाइजेशन, उद्योग 4.0, फैक्ट्री प्रोडक्टिविटी व क्लस्टर-निर्यात एकीकरण पर सुझाव।
एमएसएमईयों को वृद्धि की राह पर ले जाने हेतु कैश फ्लो क्रेडिट, ग्रुप प्रोडक्टिविटी, डिजिटल टूल्स व स्ट्रक्चर्ड एक्सपोर्ट इनसेंटिव।
व्यापार सुधार हेतु इंटीग्रेटेड इंफ्रा व एक्सपोर्ट डाइवर्सिफिकेशन। गलियारा विकास, कनेक्टिविटी उन्नयन, एफटीए उपयोग व सप्लाई चेन रेजिलिएंस पर फोकस।
टियर-2/3 शहरों हेतु ट्रांजिट आधारित विकास, म्युनिसिपल फाइनेंस, अफोर्डेबल हाउसिंग व इंटीग्रेटेड प्लानिंग।
समावेशिता हेतु इनफॉर्मल वर्कर्स को सिक्योरिटी, केयर इंफ्रा प्रोफेशनलाइजेशन व विमेन वर्क पार्टिसिपेशन।
फिस्कल रिफॉर्म्स में प्राइवेट कैपिटल, रेवेन्यू स्ट्रेंग्थनिंग व डिजिटल आउटकम बजटिंग।
केपीएमजी के येजदी नागपोरेवाला बोले, ‘निवेश को प्रोडक्टिविटी में बदलें। इंटेंस मैन्युफैक्चरिंग, टैलेंट, एमएसएमई, इंफ्रा व स्मार्ट सिटी बनाएंगे विकसित भारत।’
रिपोर्ट नीति-निर्माताओं के लिए रोडमैप है।