आरबीआई ने अग्रणी बैंक योजना को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ड्राफ्ट परिपत्र जारी कर जनता से राय मांगी है। सुझाव 6 मार्च 2026 तक ‘अग्रणी बैंक योजना पर मसौदा परिपत्र पर प्रतिक्रिया’ विषय से भेजें।
6 फरवरी को गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान में इसका जिक्र था। योजना के संचालन को सुगम बनाने, मंचों के ढांचे को स्पष्ट करने और जिला स्तर पर मजबूती लाने पर जोर है।
दिसंबर 1969 से चल रही इस योजना में जिले प्रति एक लीड बैंक होता है, जो बैंकों और विकास एजेंसियों को एकजुट कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण पहुंचाता है। ग्रामीण विकास का आधार रही है।
2009 की समीक्षा समिति ने हितधारकों से विस्तृत बातचीत की। योजना ने शाखाओं का विस्तार, जमाओं में इजाफा और ग्रामीण ऋण में सुधार किया। जारी रखने पर सहमति बनी, निजी बैंकों को शामिल किया गया।
यह ड्राफ्ट योजना को समसामयिक बनाएगा, जिससे वित्तीय समावेशन को बल मिलेगा।