2025 में दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों के रियल एस्टेट बाजार में खरीदारों का रुख बदला नजर आ रहा है। एक-दो करोड़ के घर लेने में 30 दिन औसतन लगे, 2024 के 47 से सुधार तो हुआ लेकिन सतर्कता बरती जा रही। नई सप्लाई, ऊंची कीमतें और वैकल्पिक निवेशों ने फैसले को लंबा खींचा।
50 लाख-एक करोड़ के अपार्टमेंट 29 दिनों में फाइनल हुए। तीन करोड़ नीचे 27 दिन लिए। लेकिन दो-तीन करोड़ रेंज में चैंपियन प्रदर्शन—15 दिन, पहले 28 थे। कमी की वजह से जल्दबाजी।
सबसे सस्ते सेगमेंट में 19 दिन लगे, 28 से कम। बढ़ते किराए, डिजिटल लोन और क्रेडिट सुविधाओं ने इसे संभव बनाया। लग्जरी में नई लॉन्चिंग्स ने खरीदारों को तुलना का मौका दिया, बाजार संतुलित हो रहा।
पुराने आंकड़ों में 2022 का 22 दिन रिकॉर्ड, 2020 का 35 दिन संघर्ष। आज खरीदार सशक्त हैं, जो बाजार को स्थिरता की ओर ले जा रहे हैं। आने वाले समय में यह ट्रेंड मजबूत होगा।