भारतीय कंपनियों का सामाजिक योगदान चरम पर: 2019-20 से 2023-24 तक सीएसआर पर 1.44 लाख करोड़ रुपये का खर्च। कॉरपोरेट मामलों के मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने संसद को बताया कि सभी आंकड़े एमसीए21 पोर्टल पर सार्वजनिक हैं।
राज्यवार, समयवार, कंपनी और प्रोजेक्ट स्तर का डेटा आसानी से उपलब्ध है। बोर्ड स्तर पर सीएसआर की पूरी प्रक्रिया संचालित होती है। नियमों के अनुसार, 10 करोड़ औसत दायित्व वाली कंपनियों को बड़े प्रोजेक्ट्स का तृतीय-पक्ष मूल्यांकन कराना पड़ता है।
पोर्टल ने 2021-25 में 3.84 करोड़ दस्तावेज संभाले: अधिकांश स्वीकृत, कुछ खारिज। नया एमसीए21 वी3 संस्करण पारदर्शिता बढ़ा रहा है—ई-फाइलिंग, मॉड्यूल्स, कंसल्टेशन और लर्निंग सिस्टम से लैस।
हेल्पडेस्क ने 3.16 लाख से अधिक शिकायतें हल कीं, सफलता दर 98 प्रतिशत। तकनीकी से सुझाव तक सभी मुद्दों का निपटारा।
यह सिस्टम कारोबार को सुगम बना रहा है। मंत्र के शब्दों में, निरंतर उन्नयन से कंपनियां सामाजिक विकास के साझेदार बन रही हैं, जो देश की प्रगति का आधार बनेगा।