रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठने वाला है। मंत्रालय इस सप्ताह फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट्स की खरीद को हरी झंडी दिखा सकता है। सूत्र बताते हैं कि 3.25 लाख करोड़ रुपये का यह सौदा वायुसेना की ताकत बढ़ाएगा।
मैक्रों की यात्रा से पूर्व यह मंजूरी महत्वपूर्ण है, फिर पीएम मोदी की सीसीएस से पास होना बाकी। डसॉल्ट से 18 विमान आयेंगे, बाकी 96 देश में बनेंगे जिसमें डुअल-सीटर ट्रेनर शामिल।
‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिलेगी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से। वायुसेना के 36 राफेल पहले से तैनात हैं। नौसेना के 26 ‘एम’ राफेल (63,000 करोड़) विक्रांत-विक्रमादित्य पर उड़ान भरेंगे।
सभी सुविधाएं जैसे मेंटेनेंस-ट्रेनिंग पैकेज में हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में राफेल ने स्कैल्प से 250+ किमी दूर पाक साइट्स को ध्वस्त किया। मेटियोर, हैमर, स्पेक्ट्रा जैसी सुविधाओं से ये सर्वश्रेष्ठ हैं।
टाटा-डसॉल्ट के जून समझौते से हैदराबाद फैक्ट्री 2028 से पार्ट्स बनाएगी। यह साझेदारी भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।