मुंबई के शेयर बाजार में डीआईआई उभरते सितारे बन चुके हैं, जिनकी निफ्टी 500 में हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट बताती है कि यह घरेलू पूंजी का स्थायी उभार है।
2025 में डीआईआई ने 90.1 अरब डॉलर झोंके, जिसमें अंतिम तिमाही के 23.4 अरब डॉलर शामिल। इससे एफआईआई की 18.8 अरब डॉलर बिकवाली समाहित हुई और 1.95 लाख करोड़ की फंडिंग संभव बनी।
डीआईआई की हिस्सेदारी 20.6 प्रतिशत पर, सालाना 2.10 प्रतिशत वृद्धि के साथ। एफआईआई 18.4 प्रतिशत पर ठहर गए। निफ्टी 50 में डीआईआई 24.8 प्रतिशत के साथ आगे।
आठ तिमाहियों के न्यूनतम पर एफआईआई, जबकि एसआईपी के 3.34 लाख करोड़, पेंशन निवेश ने डीआईआई को मजबूत किया। यह बदलाव बाजार को स्थिरता देगा, घरेलू निवेशकों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।