हरित परिवहन में नई ऊंचाई छू ली मारुति सुजुकी ने। 2025 में रेल के जरिए 5.85 लाख से अधिक वाहनों की ढुलाई की गई, जो पिछले साल से 18 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी ने इसे पर्यावरणीय लॉजिस्टिक्स की बड़ी जीत करार दिया।
रेलवे की भूमिका 2016 के 5.1 प्रतिशत से उछलकर 26 प्रतिशत हो गई। नतीजा- कम कार्बन, घटा तेल आयात और राहत भरी सड़कें। सीईओ हिसाशी ताकेउची ने इसे कंपनी का सर्वकालिक रिकॉर्ड बताया।
मुख्य उपलब्धियां: मानेसर में भारत का सबसे विशाल प्लांट रेल साइडिंग और दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब ब्रिज से कश्मीर वाहन डिलीवरी। ये कदम ग्रीन लॉजिस्टिक्स को मजबूत करते हैं।
2030-31 तक 35 प्रतिशत रेल ढुलाई का लक्ष्य है, भारत के नेट-जीरो मिशन को सपोर्ट करेगा। 2014-15 से हब-एंड-स्पोक मॉडल से 28 लाख यूनिट्स 600+ शहरों तक पहुंचीं।
45+ फ्लेक्सी रेक (प्रति ट्रिप 260 वाहन) से 2025 में गुजरात-मानेसर ने 53 प्रतिशत योगदान दिया। ‘सर्कुलर मोबिलिटी’ से डिजाइन से स्क्रैप तक उत्सर्जन कटौती।
ताकेउची बोले, पूरे चक्र में कार्बन घटाना हमारा मिशन। रेल को सस्ता-सुरक्षित विकल्प बनाने में मारुति शीर्ष पर।