चीन में उम्रदराज आबादी का बोझ बढ़ रहा है और इसी बीच बीमा धोखाधड़ी का नया रूप सामने आया है—फर्जी मनोचिकित्सा अस्पताल। हालिया रिपोर्ट्स से पता चला कि शियांगयांग व यिचांग में कई क्लिनिक सरकारी फंड लूटने को मरीज भर्ती कर रहे हैं। मरीजों को सस्ते या मुफ्त इलाज का वादा कर फंसाया जाता है।
बीमा योजना में मरीज न्यूनतम भुगतान करते हैं, शेष सरकार। इन ठिकानों पर रोज 140 युआन प्रति मरीज का दावा किया जाता है। मरीज कम या ज्यादा—ज्यादातर ग्रामीण बुजुर्ग व नशेड़ी, भोजन-आश्रय के लोभ में।
स्थिति भयावह: मारपीट, गालियां, मजबूरी में झाड़ू-पोंछा, साथियों की देखभाल। एक बार अंदर, बाहर निकलना सालों का इंतजार।
यह चीन की वृद्धावस्था देखभाल की पोल खोलता है। परिवार-केंद्रित मॉडल कमजोर पड़ रहा। कामकाजी युवा शहर पलायन कर रहे, गांव सुनसान। पेंशन अपर्याप्त, सरकारी सहायता कम।
जनसंख्या विशेषज्ञ चेताते हैं—2035 तक 40 करोड़ वृद्ध। पेंशन वृद्धि, ग्रामीण स्वास्थ्य मजबूती, धोखाधड़ी रोकथाम जरूरी। कुछ अस्पताल बंद हुए, लेकिन जड़ से सुधार न हो तो बुजुर्ग असुरक्षित रहेंगे। व्यापक कदम उठाने का समय है।