सोशल मीडिया की अफवाहें कोविड वैक्सीन और बांझपन जोड़ रही थीं, लेकिन स्वीडन के एक विस्तृत शोध ने इसे नकार दिया। 60,000 महिलाओं के डेटा से पुष्टि हुई कि वैक्सीन फर्टिलिटी को नुकसान नहीं पहुंचाती।
पैंडेमिक शुरू होते ही ऑनलाइन दुष्प्रचार फैला कि टीके से गर्भधारण मुश्किल हो जाता है। स्वीडन जैसे देशों में बच्चों के जन्म कम होने से विवाद बढ़ा।
लिंकोपिंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर टॉमस टिम्पका की टीम ने 2021-2024 के स्वास्थ्य अभिलेखों की पड़ताल की। कम्युनिकेशंस मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, 75% वैक्सीनेटेड महिलाओं में जन्म दर व गर्भपात के आंकड़े बिना टीके वालों से मेल खाते हैं।
“टीकों से जन्म दर घटी होने की गुंजाइश नगण्य है,” उन्होंने स्पष्ट किया। अध्ययन गर्भधारण व पूर्ण गर्भावस्था पर केंद्रित था, न कि सिर्फ बांझपन उपचार पर।
उम्र, पुरानी बीमारियां जैसे तत्वों को समायोजित कर निष्कर्ष निकाले गए। कोविड संक्रमण गर्भावस्था के लिए जोखिमपूर्ण है, वैक्सीन सुरक्षा देती है।
“वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट हैं – गंभीर बीमारी से बचाव संभावित नुकसानों से ऊपर है,” टिम्पका बोले। परिवार की योजना बना रहीं महिलाओं के लिए यह राह दिखाता शोध है।
अब तथ्यों पर भरोसा करें, अफवाहों पर नहीं।