भारत-अमेरिका ट्रेड डील ने उद्योग जगत में उत्साह भर दिया है। प्रमुख संगठनों का मानना है कि टैरिफ में कमी से भारतीय वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा बढ़ेगी, उत्पादन क्षेत्र फलेगा-फूलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनेगी।
अमेरिका द्वारा 25% से 18% पर तत्काल टैरिफ राहत और रूस तेल खरीद संबंधी 25% अतिरिक्त शुल्क हटाने से निर्यातकों को बड़ी आसानी हुई। नई दिल्ली में मंगलवार को प्रतिक्रियाएं आईं।
सीआईआई अध्यक्ष राजीव मेमानी ने इसे रणनीतिक साझेदारी का मजबूत कदम कहा। व्यापार, तकनीक व निवेश संबंधों को बल मिलेगा। दोनों पक्षों के व्यापारी इसे साकार करेंगे, आर्थिक समृद्धि लंबे समय तक रहेगी।
पीएचडीसीसीआई के राजीव जुनेजा ने अमेरिका की मुक्त व्यापार नीति की सराहना की। लागत घटेगी, चेन मजबूत होंगी, मुद्रास्फीति नियंत्रित रहेगी। कंपनियों व उपभोक्ताओं को फायदा। मैन्युफैक्चरिंग से रिन्यूएबल एनर्जी तक लाभ। मोदी-ट्रंप मित्रता ने विश्वास बढ़ाया।
कपड़ा निर्यात संवर्धन परिषद के डॉ. शक्तिवेल ने कहा, अमेरिकी बाजार में पहले 50% टैरिफ से कपड़ा उद्योग परेशान था। अब मांग उछलेगी, निर्यात बढ़ेगा, निवेश होगा। यह क्षेत्र अधिकतम रोजगार सृजक है, महिलाओं व श्रमिकों को नई नौकरियां मिलेंगी।
कुल मिलाकर, यह डील भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करेगी, विकास की नई राह प्रशस्त करेगी।