केंद्रीय बजट 2024 ने आयुष क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का संकल्प लिया है, जिससे भारत समग्र स्वास्थ्य सेवाओं का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बन सकेगा। आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं को ग्रामीण आजीविका, निर्यात, युवा रोजगार और स्टार्टअप्स से जोड़ना एक दूरदर्शी कदम है।
वित्त मंत्री के ऐलानों में आयुष शिक्षा, शोध, गुणवत्ता, वैश्विक भूमिका, पर्यटन और कौशल विकास पर जोर है। आयुर्वेद, योग आदि प्रणालियों को मजबूत कर एक समग्र स्वास्थ्य ढांचा तैयार किया जा रहा है।
तीन एआईआईए संस्थानों से उच्च शिक्षा, रिसर्च और इलाज में क्रांति आएगी, जो एकीकृत चिकित्सा को बढ़ावा देंगे। फार्मेसी-लैब अपग्रेड से उत्पाद मानक ऊंचे होंगे, निर्यात बढ़ेगा और किसान-उद्यमी लाभान्वित होंगे।
जामनगर डब्ल्यूएचओ केंद्र का विस्तार भारत को पारंपरिक चिकित्सा का ज्ञान भंडार बनाएगा। पांच टूरिज्म हब्स में आयुष को शामिल कर आधुनिक-पारंपरिक सेवाएं एक छत पर मिलेंगी।
केयरगिवर प्रशिक्षण में योग जोड़कर 1.5 लाख लोगों को अगले साल ट्रेनिंग दी जाएगी, जो बुजुर्ग देखभाल को मजबूत करेगी।
मंत्री जाधव ने जोर दिया कि ये प्रयास परंपरागत चिकित्सा को रोकथाम, विकास और वैश्विक नेतृत्व का हथियार बनाएंगे। भारत अब स्वास्थ्य नवाचार का नया पता बनेगा।