1 फरवरी को निर्मला सीतारमण नौवीं बार बजट पेश करेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा, बुनियादी ढांचा, कैपेक्स, बिजली और अफोर्डेबल हाउसिंग प्रमुख क्षेत्र होंगे। वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को गति देने पर जोर रहेगा।
दुनिया भर में उथल-पुथल के दौर में राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखना जरूरी है। 9.2 प्रतिशत से 4.4 प्रतिशत तक घाटा कम करने का लक्ष्य हासिल हो चुका है।
पिछले साल टैक्स छूट से खपत बढ़ी, इस बार तरीके सीमित होंगे। मोतीलाल ओसवाल ने रणनीतिक कैपेक्स पर बल दिया है। डीबीएस के अनुसार, बॉन्ड बाजार के लिए उधार का आकार महत्वपूर्ण।
आर्थिक सर्वेक्षण ने 6.8-7.2 प्रतिशत ग्रोथ का पूर्वानुमान दिया है। बजट दिवस पर बाजार खुले रहेंगे। यह बजट भारत को मजबूत भविष्य की ओर ले जाएगा।