इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि फरवरी 2026 में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट को दुनिया भर से अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। यह ग्लोबल साउथ में पहला वैश्विक एआई सम्मेलन होगा, जो भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक चलेगा और इतिहास का सबसे बड़ा एआई मंच बनेगा।
शीर्ष आईटी कंपनियों द्वारा विकसित 200 से ज्यादा विशेष एआई मॉडल समिट में लॉन्च होंगे। वैष्णव के अनुसार, एआई बुनियादी ढांचे में 70 अरब डॉलर का निवेश अब तक हो चुका है, जो दोगुना होने को तैयार है। एआई प्रशिक्षण और सुविधाओं को 500 यूनिवर्सिटियों में विस्तार देकर कुशल मानव संसाधन तैयार किया जाएगा।
पीएम मोदी की एआई वैल्यू चेन के हितधारकों से मुलाकातें भारत के व्यवस्थित एआई विकास और तैनाती-केंद्रित दृष्टिकोण को रेखांकित करती हैं, जैसा कि मंत्री ने कहा।
सचिव एस. कृष्णन ने समिट के उद्देश्य को रेखांकित किया कि एआई प्रौद्योगिकी को आमजन तक पहुंचाना है। ग्लोबल साउथ का यह पहला समिट एआई शासन, मानकों पर वैश्विक समन्वय करेगा, जिससे जिम्मेदार और सुरक्षित एआई उपयोग को बढ़ावा मिले।
दो स्थानों पर 500 से अधिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें उच्चस्तरीय बहसें, प्रदर्शनियां और व्यावहारिक सत्र शामिल हैं। एक्सपो में 840+ प्रदर्शक होंगे—देश पवेलियन से लेकर स्टार्टअप्स और शोध केंद्र तक।
भारत इस माध्यम से एआई के भविष्य को परिभाषित करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है।