दावोस में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि दुनिया भर में भारत को लेकर उत्साह चरम पर है। प्रमुख वैश्विक कंपनियां और निवेशक संस्थाएं अपने संचालन को भारत में विस्तार देने में जुटे हैं।
विश्व आर्थिक मंच के आयोजन के दौरान वैष्णव ने भारत के सुधारों, विकास पथ और भविष्योन्मुखी इन्फ्रास्ट्रक्चर की सराहना की। वैश्विक नेता भारत को सप्लाई चेन का मजबूत स्तंभ मान रहे हैं।
मार्सक कंपनी के साथ जहाजरानी, पोर्ट्स, रेल नेटवर्क और सेमीकंडक्टर कच्चे माल पर सक्रिय बातचीत हो रही है। हनीवेल रेलवे को आधुनिक बनाने और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर केंद्रित है।
टेमासेक के प्रमुख ने भारत के इन्फ्रा, डिजिटल क्षेत्रों और गहन प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स में निवेश बढ़ाने का ऐलान किया। एआई, रोबोटिक्स तथा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों से बातचीत ने भारत की बढ़ती साख को प्रमाणित किया।
ये पहल भारत की आर्थिक स्थिरता और नवाचार क्षमता पर वैश्विक निवेशकों के विश्वास को उजागर करती हैं। बड़े पैमाने पर इन्फ्रा परियोजनाओं के साथ भारत अब वैश्विक व्यापार का केंद्रबिंदु बनने को तैयार है।
मंत्री के बयान से साफ है कि भारत की नीतिगत स्पष्टता और विकास गति अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को आमंत्रित कर रही है, जो देश को नई औद्योगिक क्रांति की ओर ले जाएंगी।