वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में चीन-पश्चिम संघर्ष तेज होने के बीच भारत यूएस-नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका में कदम रखने को तैयार है। रणनीतिक आजादी बरकरार रखते हुए यह भागीदारी भारत की तकनीकी उड़ान को पंख देगी।
जानकारी के अनुसार, इस गठजोड़ से भारत उन्नत अर्थव्यवस्थाओं से गठबंधन मजबूत करेगा, पूंजी निवेश आकर्षित करेगा और चिप-तकनीक आपूर्ति को अटल बनेगा। भारत सुनिश्चित करेगा कि स्वायत्तता पर कोई आंच न आए।
पैक्स सिलिका में सिंगापुर, इजराइल, जापान, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया व यूके जैसे माहिर देश शामिल हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और एआई की संकेंद्रित सप्लाई कमजोरियों को दूर करने पर जोर देते हैं।
भारत अपनी स्थिति का लाभ उठाकर सब्सिडी, प्राथमिक खरीदारी और आयात संतुलन जैसी नीतियां हासिल करने का प्रयास करेगा। जापान-सिंगापुर से लचीली चिप श्रृंखलाओं पर काम जोरों पर है।
नए अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने पहले ही दिन उन्नत तकनीक साझेदारी और भारत की पैक्स सिलिका सदस्यता का ऐलान किया। मंत्री वैष्णव के मुताबिक, भारत डिजाइन से उपकरण तक इलेक्ट्रॉनिक्स में छा जाएगा, चार प्लांट जल्द उत्पादन शुरू करेंगे।
भू-राजनीतिक तनावों के दौर में यह भारत के लिए स्वर्ण अवसर है, जो आत्मनिर्भर भारत को वैश्विक पटल पर स्थापित करेगा।