अमेरिका ने भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के डिजिटल भविष्य को नई गति दी है। यूएस ट्रेड एंड डेवलपमेंट एजेंसी ने मंगलवार को सबकॉन नेक्स मलेशिया के साथ एससीएनएक्स3 केबल की फीजिबिलिटी स्टडी के लिए फंडिंग की घोषणा की। यह सिस्टम भारत को सिंगापुर से जोड़ेगा, जिससे 1.85 अरब आबादी को उच्च गुणवत्ता वाली कनेक्टिविटी मिलेगी।
अध्ययन एपीटेलीकॉम एलएलसी करेगी, जो तकनीकी डिजाइन, वित्तीय विश्लेषण, बाजार योजना और कानूनी पहलुओं पर केंद्रित होगा। एजेंसी प्रोजेक्ट को निजी पूंजी से मजबूत बनाना चाहती है, ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व क्लाउड सेवाओं का बोलबाला बढ़े।
होनोलूलू सम्मेलन में हस्ताक्षर के दौरान थॉमस हार्डी ने जोर दिया कि सुरक्षित अमेरिकी केबल तकनीक साइबर खतरे व बाहरी दखल से बचाव का हथियार है। यह दक्षिण एशिया की रणनीतिक जरूरतें पूरी करेगा और अमेरिकी डिजिटल प्रभुत्व बढ़ाएगा।
दक्षिण भारत के चेन्नई से सिंगापुर का रूट मलेशिया, थाईलैंड व इंडोनेशिया होते हुए बनेगा। बढ़ती डिजिटल मांग के बीच पुराने नेटवर्क की असुरक्षा को यह दूर करेगा, नई डेटा लेन-देन के रास्ते बनाकर।
सीईओ साइमन जेटल ने कहा कि यह कदम इलाके की डिजिटल नींव को अटल बनाएगा, आर्थिक उछाल, समावेशी विकास व गतिशील बाजार में एआई-क्लाउड का विस्तार सुनिश्चित करेगा।
यूएसटीडीए वैश्विक नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाएगा, जहां समुद्री केबल बहुसंख्यक डेटा ट्रैफिक संभालते हैं। अमेरिकी विशेषज्ञों की भूमिका से प्रोजेक्ट उच्च मानकों का होगा, जो क्षेत्रीय सरकारों, कारोबारियों व नागरिकों के लिए सुरक्षित संचार देगा।