ऑनलाइन शॉपिंग अद्वितीय सुविधा प्रदान करती है, लेकिन यह उपभोक्ताओं को नए जोखिमों से भी उजागर करती है। साइबर अपराधी तेजी से डिस्पोजेबल डोमेन का उपयोग कर रहे हैं – अस्थायी वेबसाइटें जो वैध ऑनलाइन स्टोर की नकल करने और उपयोगकर्ता डेटा चुराने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। ये डोमेन थोड़े समय के लिए सक्रिय रहते हैं, जिससे धोखेबाजों को जल्दी से अपने ऑपरेशन स्थापित करने और खत्म करने की अनुमति मिलती है। यह तरीका साइबर अपराधों के लिए एक पसंदीदा दृष्टिकोण बनता जा रहा है। गृह मंत्रालय द्वारा संचालित @Cyberdost हैंडल ने इन भ्रामक साइटों से होने वाले खतरों के बारे में नागरिकों को सचेत किया है।
Trending
- जापान में भूकंप: नोडा तट पर 6.0 की तीव्रता, सुनामी का खतरा नहीं
- अमेरिकी रिपोर्ट: 2026 में भारत-पाकिस्तान, अफगान-पाक में युद्ध की आशंका
- भारत-बांग्लादेश जल संधि: फरक्का समझौते की अहमियत और भविष्य पर बहस
- नए साल का तोहफा: IGL ने PNG ₹0.70/SCM सस्ता किया
- आतंकवाद से भड़केगा भारत-पाकिस्तान युद्ध? 2026 की चिंताजनक भविष्यवाणी
- जेपी जेल से तीन कैदियों का फरार होना, झारखंड में सुरक्षा पर सवाल
- 14,100 लोगों पर आरपीएफ का शिकंजा: रेल सुरक्षा में अभूतपूर्व कार्रवाई
- दिल्ली-NCR कोहरे की चपेट में: उड़ानों और ट्रेनों का संचालन ठप, यात्री परेशान
