स्कॉटलैंड क्रिकेट के दिग्गज जॉन ब्लेन चार साल बाद हॉल ऑफ फेम में लौट आए हैं। नस्लवाद के आरोप साबित झूठे पाए जाने के बाद 47 वर्षीय पूर्व पेसर की यह बहाली भावुक क्षण लेकर आई। उन्होंने 118 मैचों से देश को गौरवान्वित किया था।
ब्लेन ने समर्थकों का धन्यवाद किया और बोर्ड के सर्वसम्मति से फैसले को जीवन का सम्मान बताया। हॉल से हटना सबसे दर्दनाक था, लेकिन प्रमाणों पर आधारित जांच ने सच्चाई उजागर की।
उमर हेनरी की अगुवाई वाली कमेटी ने ईडीआई ट्रेनिंग के बाद उन्हें मंजूरी दी। ब्लेन ने क्रिकेट को अपनी आजीविका और मूल्यों का स्रोत बताया।
मई 2019 में गवर्निंग बॉडी में प्रवेश के बाद जुलाई 2022 में माजिद हक व कासिम शेख के 2007 केन्या आरोपों ने विवाद खड़ा किया। संस्थागत नस्लवाद की पुष्टि पर बोर्ड गिरा। ईसीबी की अजीम रफीक संबंधी जांच में भी फंस गए।
फरवरी 2023 में दोषसिद्धि के बावजूद, जनवरी 2024 में स्कॉटलैंड ने क्लीन चिट दी। ईसीबी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ब्लेन ने जांच की मांग की।
यह घटना क्रिकेट जगत को सिखाती है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि निर्दोषों का सम्मान बना रहे।