पश्चिमी एशिया में ईरान पर हमलों के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल ने मुंबई के चत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हाहाकार मचा दिया। दर्जनों उड़ानें रुक गईं या कैंसिल हो गईं, जिसका शिकार हुईं जर्मनी जा रही भारतीय आइस हॉकी टीम। यह टीम यूरोपीय चैंपियनशिप में देश का जलवा बिखेरने वाली थी।
खिलाड़ियों ने फ्लाइट रद्द होने पर गहरी निराशा जताई। टीम के कर्नाटक निवासी सदस्य ने कहा, ‘हम यूरोपियन आइस हॉकी चैंपियनशिप के लिए भारतीय दल हैं। युद्ध जैसी परिस्थितियों में हमारी फ्लाइट अचानक कैंसिल हो गई। इतने लंबे संघर्ष के बाद यह झटका असहनीय है।’
दो वर्षों की कठिन साधना की कहानी सुनकर दिल भर आता है। एक मां ने भावुक होकर बताया, ‘बेटा और टीममेट्स जर्मनी में भारत का मान बढ़ाने जा रहे थे। हर रात 11 बजे तक अभ्यास, तिरंगे की शान बढ़ाने का ख्वाब। दुर्भाग्य से युद्ध के साये में उड़ानें ठप हो गईं, जिससे सभी के दिल दुखी हैं।’
अधिकारियों ने एयरलाइंस संग तालमेल तेज किया है और यात्रियों को वैकल्पिक इंतजामों की सूचना दे रहे हैं। फिर भी, पश्चिम एशिया के उबाल से अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर असर पड़ रहा है। यह वाकया भू-राजनीतिक घटनाओं के सिविलियन जीवन पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव को उजागर करता है।