जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल में कर्नाटक को पहली पारी की बढ़त से हराकर पहला खिताब हासिल किया। हुबली के मैदान पर पहली पारी में 584 रनों का पहाड़ खड़ा करने के बाद कर्नाटक 293 पर ढेर हो गया। दूसरी पारी में 4 विकेट खोकर 342 रन बनाने तक मैच ड्रॉ हो गया, लेकिन ट्रॉफी जम्मू-कश्मीर के नाम।
जय शाह ने सोशल मीडिया पर इसे साहस और सामूहिक परिश्रम की जीत करार दिया। खिलाड़ियों के साथ-साथ सहयोगी स्टाफ की पीठ थपथपाई। उन्होंने भरोसा जताया कि यह उपलब्धि स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
मिथुन मन्हास ने सफर के प्रारंभिक चरणों और जय शाह के नेतृत्व का जिक्र किया। जितेंद्र सिंह ने युवाओं के कारनामे को सराहा। यह खिताब क्षेत्रीय क्रिकेट के लिए मील का पत्थर साबित होगा, जो आने वाले समय में कई सितारे जन्म देगा।