भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहली बार कमाल कर दिखाया। रणजी ट्रॉफी जीतकर टीम ने सभी को हैरान कर दिया। एलजी मनोज सिन्हा ने इसे यूटी के सुनहरे दौर की शुरुआत बताया।
उनके बयान में उत्साह झलक रहा था, ‘टीम की जीत देखकर दिल भर आया। जम्मू-कश्मीर का बेहतरीन समय चल पड़ा है। इन साहसी योद्धाओं ने जो इतिहास लिखा, उसके लिए सारा यूटी गर्वित है। आपने इसे हमेशा के लिए संजो लिया। धन्यवाद।’
सीएम उमर अब्दुल्ला ने वीडियो पोस्ट कर टीम की तारीफ की, ‘शाबाश जेकेई, कर दिखाया।’ प्रशंसकों में दीवानगी छा गई है, जश्न चारों तरफ फैल गया। राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हो रही है।
फाइनल मुकाबले में टॉस जीतकर जेकेई ने बल्ले से धुंआ उड़ाया। 584 रनों का पहाड़ खड़ा किया, जिसमें शुभम पुंडिर (121), यावर हसन खान (88), साहिल लोतरा (72), कन्हैया वधावन (70), पारस डोगरा (70) अहम रहे। कर्नाटक 293 पर ढेर, मयंक अग्रवाल 160 पर टॉप स्कोरर।
औकिब नबी का 5 विकेट हॉल, सुनील कुमार व युदवीर सिंह के दो-दो विकेट। 291 रन आगे बढ़कर दूसरी पारी 342/4 पर बंद। कामरान इकबाल नाबाद 160, साहिल लोतरा 101*, 197 रन की साझा। ड्रॉ में पहली पारी से खिताब।
यह सफलता चुनौतियों पर विजय की कहानी है। क्रिकेट के जरिए एकता का संदेश देती हुई, आने वाली पीढ़ी को प्रोत्साहित करेगी।