भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया सूरज उगा है—जम्मू-कश्मीर ने 28 फरवरी को हुबली में कर्नाटक को हराकर रणजी ट्रॉफी जीत ली। पारस डोगरा की कप्तानी वाली यह टीम पहली पारी की भारी बढ़त के सहारे ड्रॉ मैच में विजेता बनी। डी.आर. बेंद्रे स्टेडियम गवाह बना इस ऐतिहासिक पल का।
टॉस जीत बल्लेबाजी का सही चुनाव। शुभम पुंडिर (121), यावर हसन खान (88), साहिल लोतरा (72), कन्हैया वधावन (70) और डोगरा (70) की पारियों से 584 रन बने। कर्नाटक 293 पर ढेर, सिर्फ मयंक अग्रवाल (160) लड़े।
औकिब नबी का 5 विकेटों का जादू, सुनील कुमार, युदवीर सिंह के 2-2 विकेट और लोतरा का 1 ने कर्नाटक को तोड़ा। 291 रनों की लीड लेकर दूसरी पारी में शुरुआती झटके झेले, लेकिन कामरान इकबाल (160*) व लोतरा (101*) की 197 रनों की नाबाद साझेदारी ने कहानी पलट दी। 342/4 पर घोषणा।
जेके को ट्रॉफी मिली। पुंडिर मैच के हीरो, नबी टूर्नामेंट स्टार। यह खिताब संघर्ष की मिसाल है, जो पूरे देश को प्रेरित करेगा।