चंडीगढ़, 26 फरवरी। भारतीय महिला कुश्ती स्टार और कांग्रेस की विधायक विनेश फोगाट ने सरकार को खिलाड़ियों की उपेक्षा का दोषी ठहराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एथलीट अब प्रशासन की प्राथमिकता नहीं रहे, यह बेहद खेदजनक है। राज्यपाल के संबोधन में खेलों का एक शब्द भी न आने से वे गुस्से से लाल हो गईं।
“खेलों का बुरा हाल है,” फोगाट ने कहा। “हम एथलीटों को अन्य जरूरी क्षेत्रों के समकक्ष लाने की जद्दोजहद में हैं, मगर प्राथमिकता न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्यपाल के बयान में खिलाड़ियों का कोई उल्लेख न होना अफसोसनाक है। यही बात मैं लगातार उठा रही हूं।”
कोचिंग के 1000 पद खाली हैं, सामान की खरीद बंद पड़ी है। “जानकारी मांगने पर सरकार चुप्पी साध लेती है। मंत्री टालते रहते हैं, लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे। गलतियां सुधारें और खिलाड़ियों के लिए काम करें, यही हमारी मांग है।”
सरकार पर दबाव बनाए रखने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा, “उम्मीदें कम रखें, लेकिन याद दिलाते रहें। खेल मंत्री का काम खेलों को मजबूत बनाना है।”
पिछले दिनों विनेश ने हरियाणा कुश्ती संघ को 2026 फेडरेशन कप के ट्रायल नियमों के लिए ललकारा। सिर्फ 2025 सीनियर राज्य या इंटरनेशनल मेडलिस्ट्स को मौका देना अन्य पहलवानों के साथ भेदभाव है, उन्होंने इसे अन्याय करार दिया। उनका यह आंदोलन खेल नीतियों में बदलाव ला सकता है।