दिल्ली हाईकोर्ट में 20 फरवरी को पहलवान सुशील कुमार की जमानत याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। सागर धनखड़ मर्डर केस में रोहिणी कोर्ट ने उनकी अर्जी ठुकरा दी थी, जिससे सुशील ने ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया।
घटना 2021 की है जब सागर को अपहरण कर छत्रसाल स्टेडियम लाया गया और भारी हथियारों से हमला बोला गया। सिर पर लगी चोटों से उनकी मौके पर ही जान चली गई। उनके दो साथी भी गंभीर रूप से घायल हुए। सुशील पर मुख्य साजिशकर्ता होने का इल्जाम है।
कोर्ट ने आईपीसी की कड़ी धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। जेल में बंद सुशील की जमानत आवेदन बार-बार खारिज हो रहे हैं। केवल चिकित्सा कारणों से 2023 में थोड़े समय के लिए रिहाई मिली।
भारत के गौरव सुशील कुमार ने बीजिंग और लंदन ओलंपिक में लगातार दो पदक जीतकर इतिहास रचा। अब कानूनी जंग में उनका अगला कदम सभी की नजरों में है। यह केस खेल और कानून के परिप्रेक्ष्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।