जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में 23-26 फरवरी को होने वाले खेलो इंडिया विंटर गेम्स का छठा संस्करण ‘खेलो भारत’ नीति की सफलता की मिसाल पेश करेगा। जुलाई 2024 में शुरू हुई यह पहल खेल इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के साथ आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करती है। तैयारियां जोरों पर हैं और पर्यटन क्षेत्र पहले ही फलीभूत हो रहा है।
नीति आधारभूत सुविधाओं, प्रतिभा पहचान व वैश्विक स्तर पर उन्नति पर जोर देती है, साथ ही पर्यटन, उत्पादन व खेल तकनीक को बढ़ावा। गुलमर्ग में यह दिख रहा है जहां शीर्ष स्कीयर व ओलंपियन के आगमन से स्थानीय अर्थव्यवस्था में जान पड़ गई है।
स्थानीय होटल संचालक आबिद टैंगमर्ग के निवासी हैं। वे कहते हैं, ‘बुकिंग हफ्तेभर पहले भर गईं। यह हमारी संस्कृति है। विभिन्न राज्यों के एथलीटों से गुलमर्ग राष्ट्र का प्रतिबिंब बन जाता है।’
आंकड़े प्रभावशाली हैं: 2020 में 1123 एथलीट, जेकै टॉप; 2021 में 1208 व 18 गोल्ड; 2023 में 1395 प्रतिभागी व जेकै के 76 पदक। हालिया संस्करणों में आर्मी व अन्य राज्यों का दबदबा।
आतंकी घटना के बाद पर्यटक संख्या घटी, पर उत्साह लौट आया। 2300 आवासों में आधे से ज्यादा बुक।
ढलानों पर अल्ताफ व रफीक उत्साहित। ‘गेम्स से कमाई दोगुनी—500-3000 रुपये प्रतिदिन।’
चार श्रेणियों में रोमांचक मुकाबले। खेलो इंडिया न केवल खेल बल्कि आर्थिक क्रांति का प्रतीक है, जो गुलमर्ग को मजबूत बनाता है।