मुंबई की क्रिकेट मिट्टी ने वसीम जाफर को तराशा। 16 फरवरी 1978 का यह चंद्रमा घरेलू क्रिकेट के आकाश पर चमका। 1996-97 सीजन में दूसरे प्रथम श्रेणी मैच का तिहरा शतक उनकी प्रतिभा का आगाज था।
टेस्ट में 31 पारियां, 1944 रन, पांच शतक, 212 का हाई। वनडे करियर छोटा। लेकिन रणजी में वे भगवान।
कुल 260 मैच, 19,410 रन, 57 सेंचुरी, 91 फिफ्टी, 314* टॉप। रणजी रिकॉर्ड: 150 मैच, 12,038 रन, 40 शतक। रन मील के पत्थर गढ़े।
कप्तान बन मुंबई को दो रणजी ताज पहनाए। विदर्भ में भी जलवा बिखेरा। 2020 में रिटायर।
कोचिंग में नया अध्याय – उत्तराखंड, ओडिशा, पंजाब लीड, बांग्लादेश U19, आईपीएल पंजाब किंग्स। ट्विटर पर वॉन से ठनी भाई का मजा अलग।
जाफर का सफर प्रेरणा का सागर है, घरेलू क्रिकेट की शान।