नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत ने नामीबिया को 209/9 रनों का लक्ष्य दिया और टी20 इतिहास में 47वीं बार 200 रनों का जादुई आंकड़ा छुआ। यह रिकॉर्ड टीम इंडिया की विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रतीक है।
इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है, जिन्होंने 29 बार यह किया। न्यूजीलैंड के 28, ऑस्ट्रेलिया व वेस्टइंडीज के 25-25 आंकड़े पीछे हैं। वर्ल्ड कप 2024 के बाद भारत का दबदबा बरकरार है – 14 बार 200 पार, बाकी टीमों से कहीं आगे।
टी20 वर्ल्ड कप में भारत का यह तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। 2007 का इंग्लैंड के खिलाफ 218/4 और 2021 का अफगानिस्तान वाला 210/2 के बाद आता है यह। टॉस गंवाने के बावजूद भारत ने बल्ले से आग उगली।
दूसरे विकेट के लिए ईशान किशन और तिलक वर्मा ने 31 गेंदों में 79 रन जोड़े। किशन ने 24 गेंदों पर 61 रन (5 छक्के, 6 चौके) ठोके। तिलक ने 25 का योगदान दिया। फिर हार्दिक पंड्या ने 52 रनों की पारी खेली, शिवम दुबे (23) के साथ 39 गेंदों पर 81 रन बनाकर 200 का आंकड़ा पार कराया। 205 पर पंड्या के आउट होने के बाद अंतिम ओवरों में विकेट खोए।
गेरहार्ड इरासमस ने नामीबिया के लिए शानदार 4/20 लिया। शिकोंगो, स्मट्स और शोल्ट्ज को एक-एक विकेट मिला। यह जीत भारत की टी20 में रन-मशीन वाली छवि को मजबूत करती है।