वानखेड़े में वेस्टइंडीज के स्पिनरों ने इंग्लैंड को 30 रनों से पटखनी दी। फिर भी हैरी ब्रूक ने बल्लेबाजों के प्रदर्शन को लेकर कोई शिकायत नहीं की। उन्होंने स्पिन गेंदबाजी के सामने टीम के तरीके पर संतुष्टि जताई।
ब्रूक का कहना था, ‘मैं स्पिनरों के खिलाफ खेलने से असंतुष्ट नहीं हूं। हम विश्लेषण करेंगे और आगे बढ़ेंगे।’ खुद मोती का शिकार बने ब्रूक के अलावा बटलर, बेथल, बैंटन, जैक्स और ओवरटन भी पवेलियन लौटे।
वेस्टइंडीज स्पिनरों का जलवा रहा। मोती ने चार ओवरों में 33 रन देकर तीन विकेट चटकाए। चेज के दो विकेट (29 रन) और हुसैन का एक (32 रन) विकेट इंग्लैंड को दबाव में ला दिया।
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और वेस्टइंडीज को 6 विकेट पर 196 तक सीमित किया। रदरफोर्ड की नाबाद 76 रनों ने स्कोर ऊंचा खड़ा किया। चेज में इंग्लैंड 166 पर सिमटी, करन के 43* के बावजूद।
नेपाल के खिलाफ संघर्षपूर्ण जीत के बाद वेस्टइंडीज से हार ने चिंताएं बढ़ाई हैं। ब्रूक का सकारात्मक रुख टीम को प्रेरित कर सकता है।