भारतीय क्रिकेट में अनुशासन की नई मिसाल कायम करते हुए बीसीसीआई ने टी20 विश्व कप के दौरान खिलाड़ियों के परिजनों को उनके साथ ठहरने से प्रतिबंधित कर दिया। बेहतर फोकस और मजबूत प्रदर्शन सुनिश्चित करने का यह प्रयास हालिया खराब फॉर्म से प्रेरित है।
ग्रुप चरण में भारत तीन मुकाबले घर पर खेलेगा, जबकि पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक जंग कोलंबो ले जाई गई। बोर्ड के दिशानिर्देशों में लंबे टूर्नामेंट के लिए 14 दिन की सीमा है, छोटे के लिए 7 दिन, लेकिन वर्ल्ड कप में शून्य अनुमति।
मैनेजमेंट की ओर से पूछे गए सवाल पर बीसीसीआई ने कोई ढील नहीं दी। जानकारों के मुताबिक, निजी व्यवस्था संभव है, पर टीम यात्रा में सभी को एक साथ रहना होगा। महामारी काल में निलंबित यह नियम जनवरी से बहाल हुआ।
न्यूजीलैंड के हाथों घरेलू टी20 में 0-3 सफाया और ऑस्ट्रेलिया में 1-3 से बॉर्डर-गावस्कर हार ने खतरे की घंटी बजा दी। विशेषज्ञों का मत है कि परिवार उपस्थिति प्रदर्शन प्रभावित कर सकती है, इसलिए टीम बबल जरूरी।
यूएसए को हराने के बाद नामीबिया से दिल्ली में भिड़ंत तय। पाकिस्तान मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में। सुपर सिक्स और नॉकआउट की दौड़ में बीसीसीआई का यह कदम सफलता की कुंजी बन सकता है।