धार के मुख्य डाकघर से 35 लाख के घोटाले का खुलासा होने के बाद सनसनी फैल गई है। लाडली लक्ष्मी फंड समेत ग्राहक जमा राशि का अपहरण करने वाले मुख्य आरोपी, पूर्व बैडमिंटन सितारे कुणाल मकवाना को नर्मदापुरम से दबोच लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मकवाना ने सहयोगियों निर्मल सिंह पवार और मेपल सिंह गुंडिया के साथ साठगांठ कर फंड का दुरुपयोग किया। लाडली लक्ष्मी योजना से 6.19 लाख और फिक्स्ड डिपॉजिट से 23 लाख रुपये गायब हैं।
विवरण चौंकाने वाले हैं: 2025 में 38 एनएससी के जरिए लाडली फंड हजम किया। गोकुल नरगेश के 6.6 लाख चेक के अलावा 23 लाख के अन्य चेक डायवर्ट। 56 फर्जी खाते बनाकर कैश लूटा गया।
विभागीय जांच के बाद निलंबन और नौगांव थाने में एफआईआर दर्ज।
मकवाना का खेल इतिहास गौरवशाली रहा- एक्लव्य सम्मानित, 1996-99 ऑल इंडिया मेडलिस्ट, राष्ट्रीय-राज्य चैंपियन, विदेशी मैदान पर भारत के लिए। खेल भर्ती से डाक नौकरी।
कोर्ट ने पुलिस हिरासत दी। फरारी के दोनों साथी पकड़े जाने की कोशिशें तेज।
घोटाले का आंकड़ा 35 लाख है, मगर ज्यादा होने का संदेह। दस्तावेजों और प्रभावितों की जांच से पूरी तस्वीर साफ होगी।