बांग्लादेश क्रिकेट के टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बीसीबी को देश में क्रिकेट की दिशा सुधारने का सख्त निर्देश दिया है। बीपीएल मुकाबले के बाद हुई प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि मैदान से इतर माहौल ने हाल के वर्षों में खेल को कमजोर किया है। नेताओं से अपील करते हुए शांतो ने एकजुटता और ठोस उपायों की वकालत की, ताकि क्रिकेट निर्बाध रूप से फले-फूले।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अस्पष्ट नीतियां और कमजोर प्रबंधन खिलाड़ियों के मनोबल और खेल की प्रगति को नुकसान पहुंचाएंगे। विश्व कप से बहिष्कार की स्थिति में घरेलू क्रिकेट को मजबूत बनाने पर शांतो ने बल दिया। ढाका सहित लीग टूर्नामेंटों को अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने की आवश्यकता बताई, जो पिछले प्रयासों से कहीं बेहतर हों।
ऑन-फील्ड सफलता और ऑफ-फील्ड विवादों के बीच संतुलन जरूरी बताते हुए शांतो ने सतर्क किया कि आंतरिक झगड़े प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को प्रभावित करेंगे। पृष्ठभूमि में बीसीबी का विश्व कप बहिष्कार है, जहां आइसीसी ने भारत के मैचों को श्रीलंका न ले जाने का फैसला किया। इससे स्कॉटलैंड को जगह और बीसीबी पर सजा का खतरा है। शांतो का बयान क्रिकेट प्रेमियों की साझा भावना को आवाज देता है।