भारतीय बैडमिंटन की रानी साइना नेहवाल ने मंगलवार को संन्यास ले लिया। पुरानी घुटने की समस्या ने उन्हें मजबूर किया, जो दो साल से प्रतियोगिताओं से दूर रखे हुए थी। खेलप्रेमी स्तब्ध हैं।
युवराज सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘शानदार प्रदर्शन साइना। बेहतरीन करियर पर बधाई। भारतीय बैडमिंटन को तुमने ऊंचा उठाया, एक पीढ़ी को प्रेरणा दी। भविष्य के लिए बधाई।’
साइना का सफर प्रेरणादायक रहा। 2008 जूनियर वर्ल्ड चैंपियन, बीजिंग ओलंपिक क्वार्टर फाइनल। 2009 इंडोनेशिया ओपन से पहला सुपर सीरीज खिताब। 2010 कॉमनवेल्थ गोल्ड।
लंदन 2012 में ब्रॉन्ज से भारत को बैडमिंटन में ओलंपिक पहला मेडल। 2015 में वर्ल्ड नंबर-1, पादुकोण के बाद दूसरी। विश्व चैंपियनशिप फाइनल में पहली भारतीय।
उन्होंने बताया, ‘ट्रेनिंग 8-9 घंटे की मेहनत थी। अब घुटना जल्दी हार मान लेता। सूजन, क्षतिग्रस्त कार्टिलेज, गठिया – संभव नहीं। परिवार-कोच की सलाह पर कदम उठाया।’
साइना ने बैडमिंटन को नई दिशा दी। हिसार से विश्व पटल तक का संघर्ष युवाओं के लिए मिसाल। उनका योगदान हमेशा याद रहेगा, नई प्रतिभाओं को बल देगा।