क्रिकेट के दीवाने भारत में ज्यादातर बच्चे इस खेल को अपना भविष्य मानते हैं, लेकिन अक्षर पटेल अलग थे। 1994 में गुजरात के आनंद में पैदा हुए अक्षर पढ़ाई में टॉप रहते थे और इंजीनियरिंग की राह पकड़ना चाहते थे। क्रिकेट उनके लिए सिर्फ शौक था, जब तक 15 साल की उम्र में दोस्त ने प्रतिभा न पहचानी।
उस सलाह ने जीवन बदल दिया। स्थानीय स्तर पर कमाल के बाद 2012 में गुजरात के लिए लिस्ट ए और प्रथम श्रेणी डेब्यू। घरेलू क्रिकेट में दो साल की चमक ने एमएस धोनी को आकर्षित किया। 2014 वनडे और 2017 टी20 डेब्यू पर धोनी ने ‘बापू’ नाम दिया। टेस्ट में 2021 इंग्लैंड सीरीज में 27 विकेटों का जलवा।
तीनों फॉर्मेट में अहम खिलाड़ी बने अक्षर। 2024 टी20 विश्व कप फाइनल में 34/3 से उबरने में विराट संग 72 रनों की साझेदारी, 47 रन (4 छक्के) ने जीत पक्की की। प्रदर्शन आंकड़े प्रभावशाली: टेस्ट (15)- 688 रन, 57 विकेट; वनडे (71)- 858 रन, 75 विकेट; टी20 (85)- 681 रन, 82 विकेट।
कभी काम के बोझ के कारण विश्राम, लेकिन प्रमुख आयोजनों में अनुपस्थिति असंभव। 2026 टी20 विश्व कप में भी गेंद-बल्ले से धाकड़ भूमिका निभाएंगे। अक्षर की कहानी मेहनत और किस्मत का संगम है, जो हर युवा को प्रेरित करती है।