अमेरिका अपने विरोधियों के विरुद्ध छद्म साइबर युद्ध में डटा है, जहां राष्ट्रीय प्रणालियों पर अज्ञात हमले तेज हो रहे हैं। सीनियर सांसदों ने गुरुवार को सीनेट सुनवाई में चेताया कि इन हमलों का पता लगाना कठिन होता जा रहा है।
सशस्त्र सेवा समिति प्रमुख रोजर विकर ने स्पष्ट कहा, ‘साइबर खतरा अब वास्तविक जंग का रूप ले चुका है।’ साइबर कमांड इस अदृश्य मोर्चे पर दुश्मनों की चालाकी का सामना कर रहा है, जो बचाव प्रणालियों को धोखा देने वाली तकनीकों में माहिर हैं।
देश का महत्वपूर्ण ढांचा कमजोर बना है, विकर ने कहा, और वैश्विक स्तर पर यही स्थिति है, विशेषकर इंडो-पैसिफिक संकटों के संदर्भ में। साइबर कमांड व एनएसए के भावी प्रमुख जोशुआ रूड ने साइबर को युद्ध का मूल तत्व बताया।
अनुभव के आधार पर रूड ने कहा कि वर्तमान हालात में तेजी, चपलता और एकीकृत क्षमताएं जरूरी हैं। साइबर प्रभाव सैन्य कार्रवाइयों में घुलमिल चुके हैं। सीनेटर जैक रीड ने रूस-चीन की एआई-साइबर रणनीतियों से उत्पन्न कमजोरी पर आशंका जताई।
कमांड की तैयारियों पर सवाल उठे, क्योंकि पुष्ट नेतृत्व के अभाव में संरचनात्मक बदलाव चल रहे हैं। रूड ने चुनावी प्रक्रियाओं की सुरक्षा पर जोर दिया। आक्रामकता की बहस में सुलिवन ने तर्क दिया कि बचाव के लिए हमला जरूरी है।
रूड ने संतुलित क्षमता का समर्थन किया, पर निर्णय सिविलियन स्तर पर। नागरिकों के खिलाफ हथियारों के दुरुपयोग पर सेफगार्ड्स सुनिश्चित करने का वादा किया। यह चर्चा अमेरिका को साइबर खतरों से निपटने के लिए मजबूत कदम उठाने का संकेत देती है।