समाजवादी पार्टी नेता अबू आजमी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजकर राज्य हज कमेटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज जाधव की नियुक्ति को गैरकानूनी बताते हुए रद्द करने की मांग उठाई है। एक्स पर पत्र शेयर करते हुए उन्होंने त्वरित कार्रवाई की अपील की, जो कानूनी व संवैधानिक मुद्दों से लबरेज है।
पत्र में आजमी ने बताया कि महाराष्ट्र हज कमेटी एक विशेष कानूनी योजना के अंतर्गत बनी है, जिसका उद्देश्य हज यात्रियों के लिए इस्लामी नियमों, रीति-रिवाजों और आवश्यकताओं के अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है। अधिनियम स्पष्ट रूप से कहता है कि प्रशासनिक प्रमुख चुने हुए मुस्लिम सदस्यों में से होना चाहिए, जो धार्मिक जिम्मेदारियों से वाकिफ हों।
गैर-मुस्लिम की यह नियुक्ति कानून के दायरे से बाहर है और संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1), 25(1) व 26(ए)-(बी) का उल्लंघन करती है। ये धाराएं समानता का अधिकार, धार्मिक भेदभाव निषेध, धर्म प्रचार की स्वतंत्रता तथा धार्मिक संस्थाओं के स्व-प्रबंधन की गारंटी देती हैं।
आजमी ने न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि अल्पसंख्यक संस्थाओं में सरकारी दखलंदाजी अस्वीकार्य है। उन्होंने फडणवीस से अपील की कि जाधव को हटाकर समिति के योग्य मुस्लिम सदस्य को पदभार सौंपा जाए।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए आजमी ने न्याय की उम्मीद व्यक्त की। यह विवाद राज्य में धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन और अल्पसंख्यक हितों को लेकर नई चर्चा छेड़ सकता है, जो पूरे देश के लिए प्रासंगिक है।