प्रधानमंत्री मोदी और शेख मोहम्मद की बैठक में भारत-यूएई व्यापार को 2032 तक 200 अरब डॉलर पहुंचाने का संकल्प लिया गया। संयुक्त बयान के अनुसार, सीईपीए के बाद 2024-25 में 100 अरब का आंकड़ा पार हो चुका है।
हालिया बैठकों के परिणामों पर संतोष जताते हुए एमएसएमई के लिए प्रमुख पहलों को गति देने के निर्देश दिए। धोलेरा में रणनीतिक परियोजनाओं पर चर्चा सकारात्मक रही।
निवेश संधि, एनआईआईएफ, गिफ्ट सिटी, खाद्य-ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु-अंतरिक्ष सहयोग सब मजबूत होंगे। भुगतान प्रणालियों का एकीकरण और एआई पहल नई संभावनाएं खोलेंगी।
यह समझौता आर्थिक एकीकरण का प्रतीक है, जो क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगा।