जबलपुर के बरेला में रविवार को एक कार ने सड़क किनारे बैठे सड़क निर्माण श्रमिकों को रौंद दिया, जिसमें पांच की जान चली गई। गौर नदी के पास एनएचएआई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे मजदूर आराम कर रहे थे तभी यह कहर टूट पड़ा। दो की तत्काल मौत हुई, बाकी तीन अस्पताल पहुंचते ही प्राण त्याग बैठे।
आठ घायलों का इलाज जारी है। घटना के बाद सोमवार को स्थानीय लोगों ने हाईवे जाम कर भारी मुआवजे की मांग उठाई। पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया और वाहन सीज कर दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दु:ख व्यक्त कर राहत पैकेज की घोषणा की। मृतक परिवारों को सरकारी खजाने से 4 लाख तथा एजेंसी से 6 लाख रुपये, गंभीर रूप से जख्मी को 1-1 लाख और हल्के घायलों को 50 हजार की मदद स्वीकृत।
यादव ने दिवंगतों की आत्मा शांति की प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र ठीक होने की इच्छा जताई। वहीं, कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने हादसे पर संवेदना दिखाई, लेकिन प्रशासन की लापरवाही को कोसा।
ऐसे हादसे श्रमिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करते हैं। तेज रफ्तार, सुरक्षा अव्यवस्था और जागरूकता की कमी मुख्य कारण हैं। राज्य सरकार को अब कड़े कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।