सोमवार को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन ने रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स (आरएनआई) की शुरुआत की। यह वैश्विक फ्रेमवर्क पारंपरिक आर्थिक या शक्ति संकेतकों से आगे बढ़कर नैतिक प्रशासन, समाज कल्याण, पर्यावरण रक्षा और वैश्विक जिम्मेदारी पर राष्ट्रों की रैंकिंग करता है।
पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे और अपने भाषण में नैतिक शासन व समावेशी प्रगति को सतत विकास का आधार बताया।
जेएनयू और आईआईएम मुंबई के सहयोग से तीन साल की शोध के बाद विकसित आरएनआई शक्ति-प्रधान मूल्यांकन को पीछे छोड़ जिम्मेदारी पर जोर देता है।
विशेषज्ञ पैनल ‘मानव कल्याण से वैश्विक दायित्व तक’ पर एनके सिंह की अगुवाई में चला, जिसमें अशोका यूनिवर्सिटी की प्राची मिश्रा, सीएसईपी के डॉ. लवीश भंडारी, एक्सिस बैंक के नीलकंठ मिश्रा, जेएनयू वीसी शांतिश्री पंडित, आईआईएम मुंबई डायरेक्टर प्रो. तिवारी, प्रो. हूसन और जस्टिस मिश्रा शामिल हुए।
सुधांशु मित्तल ने इसे शासन में नैतिकता का नया दौर बताया।
आरएनआई रिपोर्ट का लोकार्पण करते हुए कार्यक्रम संपन्न हुआ, जो वैश्विक स्तर पर सहयोगी प्रगति का संदेश देता है।