शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की नई दिल्ली यात्रा ने भारत-यूएई संबंधों में नया अध्याय जोड़ा। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इसे छोटा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी का एयरपोर्ट स्वागत और आवास पर चर्चाओं के दौरान प्रमुख दस्तावेज साझा हुए। अबू धाबी-दुबई राजपरिवार व मंत्रियों से लबालब प्रतिनिधिमंडल ने दौरा विशेष बनाया।
2022 के सीईपीए के बाद व्यापार 100 अरब डॉलर पार कर चुका। 2032 तक दोगुना करने का संकल्प, एमएसएमई को नई मंजिलें। रक्षा रणनीतिक साझा, अंतरिक्ष में संयुक्त लॉन्च साइट, सैटेलाइट प्लांट, मिशन व प्रशिक्षण।
धोलेरा में यूएई साझेदारी से हवाईअड्डा, एविएशन स्कूल, रखरखाव केंद्र, नया बंदरगाह, स्मार्ट शहर, रेल-ऊर्जा विकास। न्यूक्लियर में उन्नत तकनीक, एसएमआर, प्लांट प्रबंधन। एआई, सुपरकंप्यूटिंग, डेटा सेंटर्स पर फोकस।
ये करार दोनों देशों के आर्थिक व तकनीकी विकास को गति देंगे, दीर्घकालिक साझेदारी सुनिश्चित करेंगे।