प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के अपने आवास पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान व परिवार का आत्मीय स्वागत किया। सांस्कृतिक उपहारों के माध्यम से भारत ने अपनी कला-कौशल की झलक पेश की, जो आपसी भाईचारे को मजबूत करता है।
उपहारों में गुजरात का सुंदर नकाशीदार लकड़ी का झूला शामिल था, जो फूलों-पत्तियों से सजा है। यह पारिवारिक मेलजोल का प्रतीक है और यूएई के आगामी ‘ईयर ऑफ फैमिली’ से मेल खाता है।
शेख मोहम्मद को मिली कश्मीरी पश्मीना शॉल तेलंगाना के चांदी के बॉक्स में थी। कश्मीर की यह शॉल अपनी हल्की गर्माहट के लिए मशहूर है। शेखा फातिमा को समान शॉल के साथ कश्मीरी केसर मिला, जो अपनी महक के लिए दुनिया में नाम कमाता है।
दुनिया भर में उथल-पुथल—वेनेजुएला विवाद, ईरान की अस्थिरता, यूएई-सऊदी मतभेद—के बीच यह दौरा रणनीतिक है। वित्त वर्ष में व्यापार 100 अरब डॉलर से ऊपर पहुंचा, 19.6% की तेजी के साथ। ऊर्जा, तकनीक, रक्षा में साझेदारी गजब की है। 2019 का ऑर्डर ऑफ जायद सम्मान इसकी गवाही देता है।
इन तोहफों से न केवल सौगात मिली, बल्कि दोनों राष्ट्रों के भविष्य के सहयोग का संदेश भी गया।