ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित टिप्पणी के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दौड़ लंबी मैराथन है, छोटा स्प्रिंट नहीं। तेज पर्रिक का मानना है कि चीन के ऊर्जा संसाधन, ओपन-सोर्स नवाचार और उत्पादन श्रेष्ठता इसे विजेता बनाएंगे।
ओपनएआई, गूगल जैसी अमेरिकी दिग्गज अभी अव्वल हैं, लेकिन चीनी कंपनियां डीपसीक, अलीबाबा, मूनशॉट तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उनके भाषा मॉडल प्रदर्शन में अंतर मिटा रहे हैं। चीन ओपन-सोर्स क्षेत्र में राज कर रहा है, जहां मॉडल सबके लिए खुले हैं।
कैपिटल इकोनॉमिक्स के विश्लेषकों ने कहा कि एल्गोरिदम, डेटा और डिजाइन में प्रगति से चीनी एआई अमेरिका से टक्कर ले सकता है। ऊर्जा की भारी खपत वाले इस क्षेत्र में चीन का लाभ स्पष्ट है।
यह प्रतिस्पर्धा न केवल तकनीक, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगी। चीन की रणनीति लंबे समय की जीत का वादा करती है।