केंद्र की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना मध्य प्रदेश में क्रांति ला रही है। शहडोल जैसे क्षेत्रों में सोलर पैनलों ने बिजली बिलों को शून्य कर दिया है, परिवारों को भारी आर्थिक राहत दी है।
सब्सिडी पर सोलर सिस्टम लगवाकर लोग अपनी बिजली खुद बना रहे हैं। अतिरिक्त उत्पादन ग्रिड में बेचकर कमाई भी कर रहे हैं। यह गरीब-मध्यम वर्ग के लिए सबसे फायदेमंद साबित हो रही है।
लाभार्थी पारस जैन कहते हैं, पहले उपकरण चलाने में हिचक होती थी, अब स्वतंत्रता मिली है। रामसहाय मिश्रा के 5-6 हजार मासिक बिल अब इतिहास बन गए, मित्रों की सलाह पर लिया फैसला सही साबित हुआ।
रंजीत बसाक लंबे समय से परेशान थे। मीडिया से योजना जानी, 78 हजार सब्सिडी पाई और खर्च 75 फीसदी कम। प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता जताते हुए अपील की कि सभी लाभ लें।
योजना स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित कर रही है। मध्य प्रदेश मॉडल बनकर उभर रहा है, जो पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए सकारात्मक है। देशव्यापी विस्तार की उम्मीद है।