वॉशिंगटन से आई खुशहाली भरी खबर—आईएमएफ ने 2025 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर को 7.3 प्रतिशत पर पहुंचा दिया, जो पिछले अनुमान से 0.7 प्रतिशत ज्यादा है। साल के दूसरे भाग में शानदार प्रदर्शन ही इसका राज है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में तीसरी तिमाही के बेहतरीन आंकड़ों और चौथी तिमाही की ताकत को सराहा गया, जो भारत को वैश्विक पटल पर सबसे तेज दौड़ने वाली अर्थव्यवस्था बनाता है। आगे 2026-27 में 6.4 प्रतिशत की गति का पूर्वानुमान है।
उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए भारत विकास का केंद्र बिंदु रहेगा, उनकी औसत से कहीं आगे। एशिया में तकनीक और व्यापार का लाभ साफ दिख रहा है।
भारत में महंगाई 2025 के बाद लक्ष्य पर लौटेगी, खाने-पीने की चीजों के दाम काबू में रहेंगे। दुनिया भर में 3.3 प्रतिशत विकास होगा, एआई और व्यापार सुधारों से।
चेतावनी भी है—एआई के कम फायदे घातक साबित हो सकते हैं। मगर इसका तेजी से इस्तेमाल वैश्विक उछाल ला सकता है। भारत की अर्थनीति अब और मजबूत दिख रही है।