भोपाल से मुंबई तक का सफर तय करने वाले अरुण वर्मा ने 1987 में ‘डकैत’ से डेब्यू किया। सनी देओल के तूफान के बीच उनका चेहरा नया था, लेकिन आंखों में भोपाल की तहजीब साफ झलकती। 1960 में जन्मे वर्मा कवि भी थे, अभिनेता भी।
शहर की साहित्यिक हवा ने उन्हें बोलचाल की वो कला दी, जो मुंबई की चमक में भी बरकरार रही। ‘मिस्टर इंडिया’ के हीरो का नाम भी अरुण वर्मा – ये संयोग उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत था।
‘हिना’, ‘खलनायक’ जैसी बड़ी फिल्मों में संजय दत्त, ऋषि कपूर संग उनकी मौजूदगी छोटी पर प्रभावशाली। सलमान के साथ ‘मुझसे शादी करोगी’ में कॉमेडी का जलवा, ‘किक’ में नया जीवन।
बड़े-छोटे प्रोजेक्ट्स में बिना भेदभाव काम किया। 20 जनवरी 2022 को भोपाल अस्पताल में ब्रेन-लंग ब्लॉकेज से अलविदा। बॉलीवुड के सहायक स्तंभ अब हमेशा के लिए खामोश। उनका योगदान स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है।