लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन पर सोमवार को नेहा सिंह राठौर ने हाजिरी लगाई। विवादित सोशल मीडिया पोस्ट केस में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई, मगर निर्धारित समय पर जांच अधिकारी के समक्ष पेश होकर सहायता करने को कहा था।
11 बजे थाने पहुंचकर उन्होंने कहा, ‘कोर्ट के निर्देशानुसार मैं आज 11 बजे यहां हूं। जांच प्रक्रिया में पूरी मदद करूंगी।’
जड़ें पहलगाम आतंकी घटना में हैं, जहां धर्म के आधार पर पर्यटकों की हत्या हुई। नेहा के पोस्ट और मई 2025 के गाने ‘चौकीदारवा कायर बा’ ने हंगामा मचा दिया, जिसमें भाजपा सरकार पर कथित तीखे प्रहार थे।
लंका थाने में 318, कुल 500 से अधिक शिकायतें। इल्जाम लगा कि इससे राष्ट्र की अखंडता प्रभावित हुई, सांप्रदायिक माहौल खराबा। पाकिस्तानी मीडिया ने इन्हें भारत-विरोधी प्रचार के लिए भुनाया।
हजरतगंज में एफआईआर दर्ज। हाईकोर्ट ने 5 दिसंबर 2025 को अग्रिम जमानत ठुकराई। नोटिस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को राहत दी, सहयोग की शर्त पर।
यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रहित के टकराव को उजागर करती है। नेहा की उपस्थिति से जांच को गति मिल सकती है।