केरल के कोझिकोड में बस में यौन उत्पीड़न के वायरल वीडियो के बाद एक युवक ने आत्महत्या कर ली। दीपक नामक सेल्समैन की मौत ने सनसनी फैला दी है। परिवार का कहना है कि सोशल मीडिया की बेइज्जती ने उसे मजबूर किया, जबकि वह निर्दोष था। न्याय के लिए वे हर सीमा लांघने को तैयार हैं।
पिछले शुक्रवार कोड़िकोड की सघन बस में काम के लिए जा रहे दीपक पर एक महिला ने छेड़छाड़ का इल्जाम लगाया। उसने वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो पल भर में फैल गया। दोस्तों ने कहा कि दीपक ने अपनी सफाई दी, लेकिन ट्रोलिंग ने उसे हताश कर दिया। घरवालों ने उसे फंदे पर लटका पाया।
परिवार ने आरोपी महिला पर अभियोग चलाने की मांग तेज कर दी। पुलिस प्रमुख तक शिकायतें पहुंची हैं, जिसमें उकसाने वाले अपराध का मुकदमा दर्ज हो। दीपक के जीवन में कोई काला धब्बा नहीं था, बस वर्चुअल शर्मिंदगी ने बर्बाद कर दिया।
पुलिस कार्रवाई में जुटी है। महिला, बस कर्मी और सवारों के बयान ले रही। जांच का फोकस है कि शिकायत सोशल मीडिया पर क्यों? हादसे के बाद पोस्ट हटाने से विवाद बढ़ा। महिला का पक्ष है कि उसने पुलिस बताई थी और दीपक भाग निकला।
जांच के शुरुआती संकेत दोनों तरफ गलतियां बता रहे हैं। सोशल मीडिया ट्रायल के खतरे को रेखांकित करता यह हादसा। परिवार की लड़ाई जारी रहेगी, ताकि निर्दोषों की रक्षा हो सके। समाज सोचने को बाध्य है।